प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन: 30-35 मिनट में सफर, यूपी को मिली हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की नई सौगात

उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को एक नई ऊंचाई देते हुए सोमवार को 'लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे' का भव्य उद्घाटन किया गया।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 30-35 मिनट में सफर यूपी को मिली हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की नई सौगात

Lucknow-Kanpur Expressway Inaugurated |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को एक नई ऊंचाई देते हुए सोमवार को 'लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे' का भव्य उद्घाटन किया गया। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को प्रदेश की जनता को समर्पित किया। यूपी के दो बड़े शहरों और उनके बीच पड़ने वाले कई गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाला यह नया रास्ता न सिर्फ सफर को रफ्तार देगा, बल्कि व्यापार और उद्योगों के लिए भी नए अवसर पैदा करेगा।

इस ऐतिहासिक उद्घाटन कार्यक्रम में रक्षा मंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष रूप से शामिल हुए। डबल इंजन सरकार की ओर से प्रदेश की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, जिसके तहत राज्य को तीन नई परियोजनाओं की सौगात दी गई है।

जाम से मिलेगी मुक्ति, बचेंगे ईंधन और 60 फीसदी समय

यह नया एक्सप्रेस-वे सफर को लंबा बनाने वाली सबसे बड़ी समस्या यानी 'जाम' से मुक्ति दिलाने में बेहद मददगार साबित होगा। अब लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का लाभ मिल सकेगा। यह एक्सप्रेस-वे नेशनल हाईवे-27 (NH-27) के बेहद भीड़भाड़ वाले 94 किलोमीटर के पुराने रूट की जगह लेगा। नया रूट छोटा और हाई-स्पीड होने के कारण वाहनों के ईंधन की भारी बचत होगी और पर्यावरण को भी राहत मिलेगी।

4200 करोड़ का बजट और एक्सप्रेस-वे की खूबियां

  • लागत और लंबाई: 63 किलोमीटर लंबे इस शानदार एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर कुल 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
  • लेन की क्षमता: वर्तमान में यह एक्सप्रेस-वे 6 लेन वाला है, लेकिन इसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 8 लेन तक विस्तार देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए दो लेन की जगह पहले से छोड़ी गई है।
  • रफ्तार की सीमा: इस एक्सप्रेस-वे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेंगे।
  • दूरी और समय में कमी: इसके चालू होने से अब लखनऊ से कानपुर का सफर महज 30 से 35 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों के समय में लगभग 60 फीसदी तक की बचत होगी।
  • ढांचागत निर्माण: इस पूरे कॉरिडोर पर चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, चार फ्लाईओवर, 11 पैदल अंडरपास और हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास बनाए गए हैं।

आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया आधार

यह एक्सप्रेस-वे केवल आवागमन को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया आधार भी बनने जा रहा है। इससे डिफेंस कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक गतिविधियों को जबरदस्त गति मिलेगी। इसके साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी इस परियोजना से सीधा लाभ होगा। क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में बड़ी सुविधा होगी। वहीं, उद्योग जगत के लिए नए रास्ते खुलने से निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे वाला राज्य बना यूपी

बीते कुछ सालों में उत्तर प्रदेश में जो सड़कों का जाल बिछा है, उसने एक शहर से दूसरे शहर की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल दिया है। आज यूपी वह राज्य बन गया है जिसके पास देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे मौजूद हैं। सड़कें सिर्फ मंजिल तक नहीं पहुंचातीं, बल्कि ये किसी भी क्षेत्र के विकास की धमनियां होती हैं। जब इन धमनियों में रफ्तार दौड़ती है, तो लोगों की जिंदगी, गांवों की तस्वीर और पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था बदल जाती है। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की तेज होती विकास यात्रा का नया प्रतीक बन चुका है।

यह भी पढ़ें: BHU IMS में ₹10 करोड़ के मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले का आरोप, टेंडर, GST और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल

Related to this topic: