मुरैना जिले के पोरसा तहसील के ग्राम पंचायत राजौधा में करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से एक स्कूल बना है, लेकिन बच्चे यहां स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.
मुरैना: मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के पोरसा तहसील के ग्राम पंचायत राजौधा में करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से बना संदीपनी उच्चतर विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस है, लेकिन यहां पढ़ने वाले करीब 1200 विद्यार्थियों के लिए आज भी सुरक्षित और सुगम मार्ग नहीं बन पाया है। नर्सरी से 12वीं तक के स्टूडेंट्स हर दिन जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।
विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता बना सबसे बड़ी समस्या
स्कूल में अग्निशमन व्यवस्था, लिफ्ट, ऑडिटोरियम, वाचनालय, खेल मैदान और इंडोर गेम जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां 49 शिक्षक-शिक्षिकाएं, जिनमें 28 नियमित और 21 अतिथि शिक्षक शामिल है अध्ययन-अध्यापन (सीखना और पढ़ाना) का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है।
स्कूल जाने के लिए काफी खराब से गुरजना पड़ रहा
राजौधा गांव की ओर से जाने पर करीब दो किलोमीटर तक गड्ढों और सालभर कीचड़ से भरे मार्ग से गुजरना पड़ता है। वहीं भिकारीपुरा मार्ग लगभग तीन किलोमीटर लंबा है, जहां कई मोड़ होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में लगातार चिंता बनी हुई है।
करीब 200 मीटर का संपर्क मार्ग बनाने की कई बार की गई मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर राजौधा के श्मशान घाट की ओर से करीब 200 मीटर का संपर्क मार्ग बना दिया जाए तो विद्यालय तक सीधा और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध हो सकता है। इस मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एक बार फिर प्रशासन से विद्यालय तक सुरक्षित संपर्क मार्ग का निर्माण कराने की मांग
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने आज बुधबार 8 जुलाई को प्रशासन से जल्द से जल्द विद्यालय तक सुरक्षित संपर्क मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को रोजाना जोखिम उठाकर स्कूल न जाना पड़े।
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