भोपाल। मध्यप्रदेश में खाद संकट गंभीर रूप ले चुका है। लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ें इस भयावह स्थिति को बयां करते हैं। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि खाद की कमी के कारण किसान परेशान हैं, फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद सरकार समय रहते ठोस कदम उठाने में विफल रही है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, राजनीतिक संरक्षण समाप्त करने और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।
पूर्वी सीएम कमलनाथ ने खाद संकट के लिए भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार
कमलनाथ ने खाद संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह केवल वितरण व्यवस्था की अव्यवस्था नहीं, बल्कि सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है। संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के आधार पर उन्होंने बताया कि गलत स्थान पर खाद की आपूर्ति के मामलों में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि घटिया गुणवत्ता वाली खाद के मामलों में राज्य तीसरे स्थान पर है। इससे सरकार की नीतियों और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि खाद की कमी से किसान परेशान हैं, फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है और कर्ज का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन सरकार ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
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