औरंगाबाद के स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से जबरन शादी और यौन अपराध के मामले में दोषी अभियुक्त को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
Man Sentenced to 20 Years Rigorous Imprisonment for Forcing Minor into Marriage in Aurangabad |
औरंगाबाद,(बिहार)। नाबालिग से जबरन शादी के करने वाले अभियुक्त को व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के स्पेशल पोक्सो कोर्ट लक्ष्मी कांत मिश्रा ने 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने कासमा थाना की एक कांड में पोक्सो से संबधित मामले में सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए एक मात्र अभियुक्त को सज़ा सुनाई है।
20 साल सश्रम कारावास की सजा और 30 हजार रुपए जुर्माना
स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि 6 जुलाई 2026 को प्राथमिक अभियुक्त बंदेया गांव निवासी गुंजन सिंह को बीएनएस और पोक्सो एक्ट की धाराओं में दोषी करार दिया गया। 10 जुलाई 26 को सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते अभियुक्त को पोक्सो एक्ट की धारा -4(2) और बीएनएस की धारा -65(1) में 20 साल सश्रम कारावास की सजा और 30 हजार रुपए जुर्माना लगाया है और बीएनएस की धारा -87 में सात साल की सजा और बीस हजार रूपया जुर्माना लगाया है।
पीड़िता को 1 लाख रूपये के मुआवजे से मदद
दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी। अभियोजन की ओर से 08 गवाही हुई। अभियुक्त पूर्व में 4 माह 22 दिन जेल में रह चुका है। बिहार पीड़ित संसोधन योजना 2019 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देशित किया गया है कि पीड़िता को 1 लाख रूपये मुआवजा दिलाने में मदद करें।
लड़की के पिता ने 28 जून 2025 को कराई थी प्राथमिकी दर्ज
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि नाबालिग लड़की के पिता ने 28 जून 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें बताया कि नाबालिग लड़की अल्ट्रासाउंड कराने रफीगंज गई थी। जहां से अभियुक्त बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और दुसरे दिन देवकुंड ले जाकर जबरन शादी कर लिया। इसके बाद नाबालिग ने रोते हुए इसकी जानकारी अपने पिता को फोन कर बतायी। अभियुक्त पर आरोप गठन -31 अक्टूबर 2025 को हुई थी। आरोप गठन के बाद तेजी से ट्राइल पुरी कर सज़ा सुनाई गई है।
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