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कारखाने में सिलेंडर फटने से 3 श्रमिकों की मौत

रायपुर स्थित कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से 3 श्रमिकों की हुई दर्दनाक मौत

रायपुर के उर्ला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से 3 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई.

रायपुर स्थित कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से 3 श्रमिकों की हुई दर्दनाक मौत

File Photo |

रायपुर: उर्ला औद्योगिक क्षेत्र में एक कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से तीन श्रमिकों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, विस्फोट में दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। डीसीपी (उत्तर) मयंक गुर्जर ने बुधवार को मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

शवों का किया जा रहा पोस्टमार्टम  

गुर्जर ने एएनआई को बताया, इस घटना में दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य श्रमिक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी ने कहा, शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उर्ला रायपुर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जहां कई विनिर्माण इकाइयां स्थित हैं।

भारी बारिश के बीच हुई घटना 

यह घटना छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बीच हुई है, जहां गरियाबंद जिले में बढ़ते बाढ़ के पानी में फंसे 14 मजदूरों को बचाया गया है और रायपुर के कई हिस्सों में भीषण जलभराव है, जिससे घर और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। पिछले 24 घंटों में लगातार हुई बारिश के कारण बागनाई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे मजदूर फंस गए। गरियाबंद के डीएसपी नितेश सिंह ने बताया कि यह घटना गरियाबंद और महासमुंद जिलों की सीमा पर स्थित बीजापाल गांव में हुई। 

अस्थायी झोपड़ी में रह रहे थे 14 मजदूर

डीएसपी सिंह ने कहा, बीजापाल गांव गरियाबंद और महासमुंद जिलों की सीमा पर स्थित है और चूरा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। वहां बागनाई नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था और पुल के नीचे बनी एक अस्थायी झोपड़ी में 14 मजदूर रह रहे थे। पिछले 24 घंटों में गरियाबंद जिले में लगातार हुई बारिश के कारण जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे सभी 14 मजदूर फंस गए। फंसे हुए मजदूरों की सूचना मिलते ही स्थानीय अधिकारियों ने बचाव अभियान शुरू किया। 

संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक चलाया बचाव अभियान 

डीएसपी ने आगे कहा, गरियाबंद पुलिस और महासमुंद होम गार्ड की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक बचाव अभियान चलाया। अगर उन्हें समय पर नहीं बचाया जाता, तो उनकी जान खतरे में पड़ सकती थीष। हमनें एक गंभीर स्थिति को टाल दिया है। अधिकारी ने आगे बताया कि क्षेत्र में खराब मौसम के चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है। डीएसपी सिंह ने कहा, लगातार बारिश हो रही है। गरियाबंद जिला जंगलों, छोटी धाराओं, नदियों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। परिणामस्वरूप, बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। गरियाबंद पुलिस की टीम मौके पर अलर्ट पर है और कड़ी निगरानी रख रही है।

बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गए मोहल्ले 

रायपुर में रात भर हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। निवासियों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में जलस्तर घुटनों तक और कुछ में कमर तक पहुंच गया। गंदा पानी कई घरों में घुस गया, जिससे सामान क्षतिग्रस्त हो गया और परिवारों को बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रात भर जागना पड़ा। बारिश के बाद शहर के कई मोहल्ले तालाबों में तब्दील हो गए। सड़कें जलमग्न होने के साथ-साथ घरों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। 

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 जुलाई तक मध्यम से लेकर व्यापक बारिश की संभावना

रात करीब 2 बजे से ही लोग पानी निकालते और अपना सामान सुरक्षित करने की कोशिश करते नजर आए। कई परिवार बिना सोए और बिना भोजन किए ही रहे और कुछ को तो पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के शनिवार के मौसम बुलेटिन के अनुसार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 जुलाई तक मध्यम से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है। 

(एएनआई)

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