छिंदवाड़ा जिले के पिंडरईकला सरकारी अस्पताल में पहली तेज बारिश में ही अस्पताल के वार्ड और कमरों में पानी भर गया। हालात ऐसे बने कि दर्द से तड़प रही गर्भवती महिला का इलाज तक नहीं हो सका।
छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)। छिंदवाड़ा जिले के पिंडरईकला सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पहली तेज बारिश में ही अस्पताल के वार्ड और कमरों में पानी भर गया। हालात ऐसे बने कि दर्द से तड़प रही गर्भवती महिला का इलाज तक नहीं हो सका। उसे जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
अस्पताल परिसर और वार्डों में भरा पानी
वहीं अस्पताल में जलभराव से मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित पिंडरईकला के सरकारी अस्पताल में बारिश का पानी पूरे परिसर और वार्डों में भर गया। इसी दौरान गांव की गर्भवती महिला दीपिका कुशवाहा इलाज के लिए अस्पताल पहुंचीं, लेकिन जलभराव के कारण डॉक्टर उपचार नहीं कर सके।

हर बारिश में अस्पताल का होता है यही हाल
बाद में एम्बुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बारिश में अस्पताल का यही हाल होता है। पानी निकासी की व्यवस्था पूरी तरह फेल है। अस्पताल में करंट फैलने का भी खतरा बना रहता है। कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इससे लाखों की सरकारी संपत्ति का नुकसान पहुंचने और मरीजों की जान जाने का जोखिम बना रहता हैं।
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