UP News : उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को ₹17,000 मानदेय मिलेगा...
UP News : उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को ₹17,000 मानदेय मिलेगा। शिक्षामित्र और अनुदेशक काफी दिनों से मानदेय में इस वृद्धि की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इस बात का ऐलान किया। उत्तर प्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में राज्य के बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों और नई पहलों का विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान सीएम ने कहा कि अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को ₹17,000 मानदेय मिलेगा. शिक्षकों को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। राज्य में शिक्षकों को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सीएम कंपोजिट स्कूल के लिए ₹2382 करोड़, बालिकाओं के लिए ₹300 करोड़ और माध्यमिक शिक्षा ढांचे के लिए 75 प्रतिशत सरकारी मदद का प्रावधान किया गया है।
सीएम योगी ने सदन मे बताया कि माध्यमिक शिक्षा में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए सरकार 75 प्रतिशत खर्च दे रही है। बालिका छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने को ₹300 करोड़ की व्यवस्था की गई है। साथ ही विश्वविद्यालयों को रिसर्च के लिए अलग से धन देने का प्रावधान किया गया है।
सीएम योगी ने विधानसभा में कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार, शिक्षकों के कल्याण और विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने को अभूतपूर्व प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-समर्थ, शोध-आधारित और कौशल-केंद्रित शिक्षा के माध्यम से उत्तर प्रदेश को ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।
सीएम योगी ने बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय स्थापित नहीं हैं, वहां नए विद्यालय खोलने के जलिए 580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बेसिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे में हुए सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की तुलना में गुणवत्ता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। विद्यालय छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है और कंपोजिट विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।
डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन निपुण और डिजिटल एजुकेशन जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। साथ ही कंपोजिट विद्यालयों के लिए भी पर्याप्त बजट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों को मजबूत किया जा सके।
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