जबलपुर। इनकम टैक्स रिटर्न और जीएसटी भरने का काम करने वाले एक व्यक्ति ने निवेश के नाम पर करीब दर्जन भर...
जबलपुर। इनकम टैक्स रिटर्न और जीएसटी भरने का काम करने वाले एक व्यक्ति ने निवेश के नाम पर करीब दर्जन भर लोगों को अपने जाल में फंसाकर 7 करोड़ 65 लाख 91 हजार 750 रुपये की धोखाधड़ी की। माढ़ोताल पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित उसके पूरे परिवार पर मामला दर्ज किया है।
ऐसे देता था धोखाधड़ी
शहर के कटंगी रोड, ऋषि नगर निवासी मुख्य आरोपी अमित जैन ने लोगों को झांसा दिया कि वह एक 'गोल्ड फाइनेंस कंपनी' के साथ काम करता है। वहां लोग सोने के जेवर गिरवी रखते हैं। उसने बताया कि जब लोग अपने जेवर नहीं छुड़ा पाते, तो कंपनी उन्हें कम कीमत पर बेच देती है। अमित ने लोगों को यकीन दिलाया कि यदि वे इन जेवरों को कम दाम में खरीदकर बाजार में बेचेंगे, तो उन्हें भारी मुनाफा होगा।
ठगी का जाल इन आरोपियों ने बिछाया
अमित जैन, उसकी पत्नी नीता जैन, मां मीरा बाई, पिता देवेंद्र जैन, भतीजा सागर जैन और कर्मचारी अनुराग जैन। माढ़ोताल थाना पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पीडितों फंसे, दिये थे पैसे
प्रगति जैन सरस्वती कॉलोनी, चेरीताल निवासी ने ₹49,91,750, अवधेश मिश्रा दमोहनाका ₹60,00,000, माया बाई यादव सिविल लाइन्स ₹55,00,000, आलोक जैन ऋषि नगर ₹2,36,00,000, अवनीश कुमार दुबे ऋषि नगर ₹1,60,00,000, ऋत्विक यादव सिविल लाइन्स ₹60,00,000, सनी जैन तिलक भूमि तलैया ₹25,00,000 दिये थे। इस तरह कुल ठगी की रकम ₹7,65,91,750 (करीब 7.65 करोड़) तक पहुंची।
पीड़ित बोले, न मुनाफा न मूल रकम मिला
पीड़ितों ने बताया कि जब उन्हें न तो मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल रकम वापस मिली, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। जाँच में पता चला है कि ठगी की राशि आरोपी के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस अब इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/iran-embassy-in-india-slams-killing-as-unforgivable-crime/146579