उमरिया के चंदिया वन क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमले के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
Three Forest Officials Injured in Attack During Anti-Encroachment Action in Umaria |
उमरिया,(मध्य प्रदेश)। चंदिया वन परिक्षेत्र के नरवार-25 स्थित कुदरी टोला में वन विभाग की कार्रवाई उस समय हिंसक हो गई, जब जंगल की सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण रोकने पहुंची टीम पर हमला कर दिया गया। आरोप है, कि वन भूमि पर जुताई कर रहे एक व्यक्ति ने समझाइश देने पहुंचे कर्मचारियों पर लोहे की सब्बल से हमला कर दिया। इस हमले में तीन वनकर्मी घायल हो गए, जबकि एक सरकारी कर्मचारी की बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी गई।
नियमित गश्त के दौरान मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम नियमित गश्त के दौरान मौके पर पहुंची थी। कर्मचारियों ने जंगल की भूमि पर जुताई होते देख संबंधित व्यक्ति मिथुन बैगा को ऐसा करने से रोका। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
लोहे के सब्बल से वन विभाग की टीम पर हमला
आरोप है, कि मिथुन बैगा ने लोहे की सब्बल उठाकर वनकर्मी सतेंद्र प्रजापति, विमलेश गुप्ता और चौकीदार संतोष यादव पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के लिए भेजा।
मोटरसाइकिल को भी सब्बल से किया क्षतिग्रस्त
हमले के बाद आरोपी ने सतेंद्र प्रजापति की मोटरसाइकिल को भी सब्बल से क्षतिग्रस्त कर दिया। जाते समय वह बाइक की चाबी भी अपने साथ ले गया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उसी चाबी के गुच्छे में वन चौकी की चाबी भी लगी हुई थी, जिसके कारण चौकी का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हो गया।
चंदिया थाने में शिकायत दर्ज
घायल कर्मचारियों ने चंदिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी जे. एस. परस्ते ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर फिर बढ़ी चिंता
यह घटना वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ा रही है। पिछले वर्ष भी चंदिया वन परिक्षेत्र के सलैया गांव में वन अमले पर हमला हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद कर्मचारियों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकने के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वहीं, विभाग ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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