छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री पोषण योजना में कार्यरत रसोइयों का आंदोलन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान दो महिला रसोइयों की मौत से राज्य में आक्रोश फैल गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री पोषण योजना में कार्यरत रसोइयों का आंदोलन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान दो महिला रसोइयों की मौत से राज्य में आक्रोश फैल गया है। रसोइया संघ ने इन मौतों के लिए सरकार और प्रशासन की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है।
मानदेय, नियमित नौकरी की मांग
मृतक रसोइयां लंबे समय से कम मानदेय, नियमित नौकरी का दर्जा और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। संघ का आरोप है कि लगातार अनदेखी और आर्थिक तंगी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिल सकी।
कम मानदेय पर काम करने को मजबूर
रसोइया संघ का कहना है कि प्रदेश में हजारों रसोइयां बेहद कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। महंगाई के इस दौर में यह मानदेय न तो सम्मानजनक जीवन के लिए पर्याप्त है और न ही परिवार का भरण-पोषण कर पाने में सक्षम है। इसके बावजूद सरकार मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है।
संवेदनशीलता का भी मामला
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मानदेय में वृद्धि, स्थायी रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की घोषणा नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दो रसोइयों की मौत के बाद यह आंदोलन सिर्फ वेतन का मुद्दा नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
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