पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक बकाया मंहगाई भत्ता (डीए) का भुगतान करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने बाबत धर्मतल्ला में जुलूस निकाला और सभा की।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक बकाया मंहगाई भत्ता (डीए) का भुगतान करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने बाबत धर्मतल्ला में जुलूस निकाला और सभा की। उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि वह बकाया डीए का भुगतान करने में टालमटोल करेगी तो वे उसके साथ असहयोग करेंगे और उनके परिवार के लोग विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी को वोट नहीं देंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च तक 25 फीसदी डीए भुगतान का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियो के बकाया डीए के भुगतान करने के मामले की 5 फरवरी को सुनवाई में फैसला किया कि राज्य सरकार को बकाया डीए का 25 फीसदी हिस्सा दो किस्तों में 31 मार्च तक कर देना होगा। बकाया डीए का बाकी 75 फीसदी हिस्सा के भुगतान के लिए रिटायर जज के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय कमिटी की अनुशंसा के अनुसार करने पर विचार होगा। कमिटी 15 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट देगी।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर लगाया टालमटोल का आरोप
आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों के संगठन "संग्रामी यौथ मंच" (संग्रामी संयुक्त मंच) का कहना है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिए फैसले की समीक्षा के लिए कमिटी का गठन किया है। सरकार बकाया डीए का भुगतान करने की बजाय टालमटोल कर रही है। वह सुप्रीम कोर्ट में हुए फैसले पर पुनर्विचार के लिए अपील करने वाली है।
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