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सड़क मांग को लेकर युवक की दंडवत यात्रा

सड़क नहीं बनी तो युवक ने छोड़ा अन्न-जल, सांसद कार्यालय तक शुरू की दंडवत यात्रा

विकास के दावों के बीच मुरैना जिले के जोहां-श्यामपुर मार्ग की बदहाली ने एक युवक को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

सड़क नहीं बनी तो युवक ने छोड़ा अन्न-जल सांसद कार्यालय तक शुरू की दंडवत यात्रा

Youth Starts Prostration March Over Road Demand |

मुरैना {मध्य प्रदेश}। विकास के दावों के बीच मुरैना जिले के जोहां-श्यामपुर मार्ग की बदहाली ने एक युवक को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से आहत नवनीत सिंह तोमर पुत्र मुरारी लाल तोमर ने बुधवार, 8 जुलाई से अन्न-जल त्यागकर सांसद कार्यालय तक दंडवत यात्रा शुरू कर दी है।

वर्षों से बदहाल है जोहां-श्यामपुर मार्ग

नवनीत सिंह तोमर का कहना है कि गांव के लोग वर्षों से टूटी और कीचड़ से भरी सड़क की यातना झेल रहे हैं। बरसात के दिनों में हालात इतने भयावह हो जाते हैं कि प्रसूता महिलाओं को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सकता और कई बार गांव में ही प्रसव कराने की नौबत आ जाती है। वहीं स्कूली बच्चे भी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई के लिए निकलते हैं। सड़क की दुर्दशा के कारण कई वाहन गांव तक आने से भी कतराते हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

चुनावी वादों पर उठाए सवाल

युवक ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव में आकर सड़क बनाने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही ग्रामीणों की पीड़ा भुला दी जाती है। कई विधायक और सांसद बदल गए, लेकिन जोहां-श्यामपुर मार्ग आज भी बदहाल है। नवनीत सिंह तोमर ने संकल्प लिया है कि जब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे और दंडवत करते हुए सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के कार्यालय तक पहुंचेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक युवक का संघर्ष नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की वर्षों पुरानी पीड़ा की आवाज है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकीं निगाहें

अब सबकी निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि वे इस मार्मिक पुकार को सुनते हैं या फिर एक बार फिर ग्रामीणों को केवल आश्वासन ही मिलता है। यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान किया जाता है तो यह केवल एक सड़क का निर्माण नहीं होगा, बल्कि हजारों ग्रामीणों के सुरक्षित जीवन, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य की राह भी प्रशस्त होगी।

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