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71 प्रतिशत कंपनियों के लिए सुरक्षा की चिंता

विदेशी निवेशकों को डरा रही है पाकिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था

पाकिस्तान में प्रमुख विदेशी निवेशकों के बीच जून में किए गए वार्षिक ओआईसीसीआई सुरक्षा सर्वेक्षण 2026 में पाया गया कि 71 प्रतिशत कंपनियों के नेतृत्व के लिए सुरक्षा तीन सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है।

विदेशी निवेशकों को डरा रही है पाकिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) । द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, ओवरसीज इन्वेस्टर्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ओआईसीसीआई) द्वारा किए गए नवीनतम सुरक्षा सर्वेक्षण से पता चलता है कि पाकिस्तान का बिगड़ता सुरक्षा माहौल, विशेष रूप से कराची और देश के पश्चिमी क्षेत्रों में, निवेशकों के विश्वास को लगातार कम कर रहा है और व्यावसायिक गतिविधियों को बाधित कर रहा है। 

71 प्रतिशत कंपनियों के नेतृत्व के लिए सुरक्षा की चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में कार्यरत प्रमुख विदेशी निवेशकों के बीच जून में किए गए वार्षिक ओआईसीसीआई सुरक्षा सर्वेक्षण 2026 में पाया गया कि 71 प्रतिशत कंपनियों के नेतृत्व के लिए सुरक्षा तीन सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बन गई है। उन्होंने कहा कि लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था की समस्याएँ निवेश आकर्षित करने और व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करने में एक महत्वपूर्ण बाधा बनी हुई हैं। सर्वेक्षण में लगभग 42 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि कराची में सुरक्षा स्थिति खराब हो गई है, जबकि क्वेटा में 81 प्रतिशत और शेष बलूचिस्तान में 86 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने समग्र सुरक्षा स्थितियों में गिरावट की सूचना दी। व्यवसायियों ने दैनिक आवागमन के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बारे में भी बताया। विशेष रूप से कराची और क्वेटा में असुरक्षा के व्यापक असर देखे जा सकते हैं। 

सड़क पर अपराध में वृद्दि चिंतनीय

सड़क पर अपराध सबसे बड़ी चिंता का विषय बना रहा। सर्वेक्षण में शामिल आधी कंपनियों ने पिछले वर्ष की तुलना में कराची में सड़क पर अपराध में वृद्धि की चर्चा की, जबकि क्वेटा में भी ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। कुल मिलाकर, लगभग एक तिहाई ने कहा कि उनके व्यवसायों को प्रभावित करने वाला सुरक्षा वातावरण पिछले वर्ष की तुलना में बिगड़ गया है। कानून लागू कराने वाली एजेंसियों पर विश्वास भी कम हुआ है। कराची पुलिस और सिंध पुलिस के सकारात्मक आकलन पिछले सर्वेक्षण की तुलना में काफी कम हो गए हैं, हालांकि सिंध रेंजर्स और खैबर पख्तूनख्वा पुलिस में अपेक्षाकृत बेहतर विश्वास व्यक्त किया। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, व्यवसायियों ने अवैध और रंगदारी की वसूली बड़ी चिंता हा। बार-बार होने वाले विरोध प्रदर्शनों को प्रमुख परिचालन चुनौतियों के रूप में भी बताया। रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लगभग 88 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव ने उनके संचालन को प्रभावित किया है।  (एएनआई)

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