ईरान ने अमेरिका पर समझौता ज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की।
तेहरान,(ईरान)। ने अमेरिका पर दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों के बावजूद ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
प्रतिबद्धता के बदले प्रतिबद्धत के सिद्धांत पर समझौता
ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बगाई ने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच हुआ समझौता कभी विश्वास पर आधारित नहीं था, बल्कि "प्रतिबद्धता के बदले प्रतिबद्धता" के सिद्धांत के अनुसार तैयार किया गया था। उनके अनुसार, अमेरिका ने एकतरफा कदम उठाकर इस समझौते की भावना और प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
अमेरिकी कार्रवाइयों ने समझौते को किया कमजोर
उन्होंने कुरान की एक आयत का उल्लेख करते हुए, कहा कि यदि किसी पक्ष की ओर से संधि के उल्लंघन की आशंका हो तो समझौते को समान शर्तों पर समाप्त किया जा सकता है। बगाई का आरोप था, कि अमेरिका ने एमओयू के उस प्रावधान की भी अनदेखी की है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था में ईरान की भूमिका का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कार्रवाइयों और ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों ने समझौते की मूल संरचना को कमजोर किया है।
काज़ेम ग़रीबाबादी ने भी ट्रंप की आलोचना की
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने भी ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि उनके बयान दबाव और धमकियों पर आधारित अमेरिकी नीति की विफलता को दर्शाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से प्रतिबंधों और बल प्रयोग की नीति अपनाने के बावजूद अमेरिका ईरान को अपने रुख से पीछे हटाने में सफल नहीं हुआ है। इसी क्रम में उन्होंने ट्रंप के लिए "अपराधी और हत्यारा" जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि वह केवल शक्ति की भाषा समझते हैं।
ईरान की कथित "किल लिस्ट" में शीर्ष परः ट्रंप
तुर्किये में आयोजित 2026 नाटो शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान की ओर से कोई हमला होता है तो अमेरिका उसका कहीं अधिक कड़ा जवाब देगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह ईरान की कथित "किल लिस्ट" में शीर्ष पर हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि अब उनकी तेहरान के साथ किसी नए कूटनीतिक समझौते में रुचि कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि वह ईरानी नेतृत्व पर भरोसा नहीं करते और भविष्य में यदि सैन्य कार्रवाई की। (एएनआई)
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