ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने ईरान और अमेरिका के बीच कैदियों की अदला-बदली की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे किसी भी दावे का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं है।
तेहरान: ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने ईरान और अमेरिका के बीच कैदियों की अदला-बदली की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे किसी भी दावे का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं है। प्रेस टीवी ने उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि हाल के दिनों में ईरान ने किसी अमेरिकी बंदी या कथित जासूस को रिहा किया है। प्रसारक के अनुसार, उसकी जांच में "ईरान और अमेरिका के बीच कैदियों की अदला-बदली के दावों का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं मिला।" साथ ही कहा गया कि "हाल के दिनों में ईरान द्वारा किसी भी जासूस को रिहा नहीं किया गया है।"
ट्रंप के बयान के बाद शुरू हुई चर्चा
यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा था कि ईरान ने एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, संबंधित अमेरिकी नागरिक को वर्ष 2024 में जो बाइडेन प्रशासन के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्होंने उसकी रिहाई को ईरान का "सद्भावनापूर्ण कदम" बताते हुए इसकी सराहना की और साथ ही पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की आलोचना भी की।
ईरानी मीडिया ने ट्रंप के पुराने दावों पर भी उठाए सवाल
प्रेस टीवी ने कहा कि ट्रंप पहले भी "झूठे स्रोतों से गुमराह" होते रहे हैं। रिपोर्ट में जनवरी 2026 के दंगों के बाद आठ महिला कैदियों और कराज में एक युवक की कथित फांसी को लेकर ट्रंप के पुराने दावों का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की न्यायपालिका पहले ही इन दावों को खारिज कर चुकी है और कहा था कि ट्रंप "एक बार फिर फर्जी खबरों से गुमराह हुए हैं।"
ट्रंप ने अमेरिकी महिला की रिहाई की थी पुष्टि
बुधवार (स्थानीय समय) को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि दिसंबर 2024 से ईरान में हिरासत में रखी गई एक अमेरिकी महिला को देश छोड़ने की अनुमति दे दी गई है और वह सुरक्षित बाहर निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान द्वारा उठाए गए इस "सद्भावनापूर्ण कदम" की सराहना करता है।
महिला की पहचान डेना करारी के रूप में हुई
ट्रंप ने अपने बयान में महिला का नाम नहीं बताया था। बाद में सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, महिला की पहचान उसके वकील ने डेना करारी के रूप में की। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वकील जेरेड गेन्सर ने सोशल मीडिया पर उनकी रिहाई की पुष्टि करते हुए कहा कि डेना करारी दिसंबर 2024 से ईरान में कथित झूठे आरोपों के तहत हिरासत में थीं और अब सुरक्षित अमेरिका लौट रही हैं। उन्होंने इस रिहाई का श्रेय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों को दिया।
(एएनआई)
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