कराची में सरकारी और बाजार कीमतों के बीच बढ़ते अंतर को लेकर आटा उद्योग ने आपूर्ति संकट की आशंका जताई है। मिल संचालकों ने मौजूदा मूल्य नीति पर सवाल उठाए हैं।
कराची (पाकिस्तान)। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा निर्धारित आटे की कीमतों और बाजार में प्रचलित कीमतों के बीच बढ़ती असमानता ने कराची में आटे की आपूर्ति के संभावित संकट को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे पाकिस्तान की मूल्य नियंत्रण व्यवस्था में बढ़ती खामियां उजागर हो रही हैं।
सरकार ने जारी की नई आटा दरें
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, कराची प्रशासन ने संशोधित खुदरा कीमतों की घोषणा की है, जिसके तहत सामान्य आटे की कीमत 125 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम, महीन आटे की कीमत 135 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम और चक्की के आटे की कीमत 145 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है।
अधिसूचना में सामान्य आटे की थोक कीमत 122 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम और महीन आटे की थोक कीमत 132 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है, जबकि चक्की के आटे की कीमत 145 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रखी गई है।
बाजार में सरकारी दरों से महंगा बिक रहा आटा
हालांकि, उद्योग प्रतिनिधियों ने आधिकारिक दरों को खारिज करते हुए तर्क दिया है कि ये गेहूं की लागत में हुई भारी वृद्धि को नहीं दर्शाती हैं। सरकार की अधिसूचना के बावजूद, कराची भर में आटा अभी भी बहुत अधिक कीमतों पर बेचा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य आटा 145 से 150 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बिक रहा है, जबकि महीन आटा 160 से 170 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम के बीच उपलब्ध है।
मिल संचालकों ने आपूर्ति संकट की चेतावनी दी
चक्की का आटा भी लगभग 160 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है, जो सरकारी मूल्य सीमा और वास्तविक बाजार स्थितियों के बीच बढ़ते अंतर को दर्शाता है। उद्योग से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी मूल्य नीति में संशोधन नहीं करते हैं तो यह असंतुलन आटे की आपूर्ति को बाधित कर सकता है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, आटा मिल संचालकों और चक्की मालिकों का तर्क है कि मौजूदा सरकारी दरें आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं हैं क्योंकि खुले बाजार में गेहूं की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिससे उत्पादक उत्पादन लागत भी वसूल नहीं कर पा रहे हैं।
गेहूं महंगा होने से बढ़ी मिल मालिकों की मुश्किल
आटा मिल संघ के अध्यक्ष जुनैद अजीज ने कहा कि मिल मालिकों ने सिंध खाद्य विभाग को पहले ही सूचित कर दिया है कि वे मौजूदा बाजार कीमतों पर गेहूं खरीदते हुए सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर आटा बेचना जारी नहीं रख सकते।
उन्होंने बताया कि खुले बाजार में गेहूं की कीमतें लगभग 116 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं और इनमें लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे मौजूदा मूल्य निर्धारण ढांचे के तहत मिलों का संचालन करना और भी मुश्किल हो गया है, जैसा कि एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट किया है। (Source- ANI)
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