पाकिस्तान के क्वेटा में बीवाईसी (BYC) नेताओं डॉ. महरंग बलूच और सिबघतुल्लाह शाहजी की सजा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। महिलाओं सहित दर्जनों लोग हिरासत में, शहर में तनाव।
बलूचिस्तान (पाकिस्तान): बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) के नेताओं डॉ महरंग बलूच और सिबघतुल्लाह शाहजी को सुनाई गई उम्रकैद की सजा के विरोध में क्वेटा में व्यापक अशांति फैल गई है। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सजा के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पाकिस्तानी पुलिस ने भारी बल प्रयोग किया, जिसके बाद पूरे शहर में तनाव व्याप्त हो गया। इस कार्रवाई के दौरान महिलाओं समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
भारी पुलिस बल की तैनाती और लाठीचार्ज
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी क्वेटा के सरिआब इलाके में बर्मा होटल के पास बीवाईसी नेताओं की सजा की निंदा करने और उनकी तत्काल रिहाई की मांग के लिए इकट्ठा हुए थे। हालांकि, सभा शुरू होने से पहले ही वहां भारी संख्या में पुलिस बल, जेल वैन और वरिष्ठ अधिकारी तैनात कर दिए गए थे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू की, सुरक्षाकर्मियों ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। गिरफ्तारी का विरोध करने वाली महिलाओं पर भी पुलिस ने बल प्रयोग किया। पुलिस ने पुरुष और महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया। साथ ही उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं।

सड़कों पर उतरा आक्रोश, लगाया जाम
इस बर्बर पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बशीर चौक को जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बिना शर्त तुरंत रिहा किया जाए। देखते ही देखते यह तनाव पूर्वी बाईपास और कमरानी रोड तक फैल गया, जिससे पूरे शहर में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का आरोप
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पाकिस्तानी प्रशासन पर शांतिपूर्ण आंदोलनों को कुचलने का आरोप लगाया है। बीवाईसी ने स्पष्ट किया है कि इस दमन के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है और सभी साथियों की रिहाई तक यह धरना जारी रहेगा। संगठन ने छात्रों, वकीलों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज से इस आंदोलन में एकजुट होने की अपील की है। वहीं, डॉ महरंग बलूच की बहन नादिया बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर किया गया अकारण हमला बताया और आरोप लगाया कि दर्जनों प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से पीटा गया है। उन्होंने आशंका जताई है कि चल रहे धरने पर पुलिस दोबारा हिंसक कार्रवाई कर सकती है।