Share Market : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन...
Share Market : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिला है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कमजोर कॉरपोरेट नतीजे और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने बाजार का सेंटिमेंट अभी भी निचले स्तर पर बना हुआ है। महंगे कच्चे तेल और वैश्विक अनिश्चितताओं ने शेयर मार्केट में निवेश के माहौल को और कमजोर कर दिया है। यह गिरावट करीब 15 साल में सबसे तेज गिरावट मानी जा रही है।
"मनीकंट्रोल" की एक स्पेशल रिपोर्ट के मुताबिक- 2026 की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी मुश्किल साबित हुई है। इस साल अब तक भारतीय बाजार की कुल मार्केट वैल्यू में करीब 533 अरब डॉलर की गिरावट आ चुकी है, जो पिछले करीब 15 साल की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इससे पहले 2011 में पूरे साल के दौरान भारतीय बाजार की मार्केट वैल्यू में करीब 625 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन 2026 में अब तक ही इतनी बड़ी गिरावट आ चुकी है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
लगातार तीसरे दिन की गिरावट के बाद कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1470.50 अंक या 1.93 प्रतिशत गिरकर 74,563.92 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 488.05 अंक या 2.06 प्रतिशत टूटकर 23,151.10 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स दोनों में लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया 20 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.45 (अस्थायी) के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.25 प्रतिशत बढ़कर 100.7 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से चांदी-सोने में आज 13 मार्च को गिरावट आयी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,748 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 12 मार्च को सोना 1,60 लाख रुपए प्रति 10g की दर से बिका था। इसी तरह चाँदी की क़ीमत साढ़े आठ हज़ार रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर दो लाख साठ हज़ार रुपये रही।
शेयर बाजार में सेक्टोरल स्तर पर भी व्यापक गिरावट देखने को मिली। ऑटो, पीएसयू बैंक, मेटल, मीडिया और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में 3 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। यह पिछले एक साल से अधिक समय में बाजार की सबसे बड़ी वीकली गिरावट मानी जा रही है। ब्रॉडर मार्केट में भी हाहाकार मचा रहा।
हफ्ते के आखिरी दिन की गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 9.88 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज घटकर 430.18 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन 440.06 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 9.88 लाख करोड़ रुपये घटा है। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,449.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
शेयर बाजार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर आज कुल 4,421 शेयरों में आज कारोबार देखने को मिला। इस दौरान BSE पर आज गिरावट के साथ बंद होने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही। एक्सचेंज पर 953 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। वहीं 3,332 शेयरों में गिरावट देखी गई। जबकि 136 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए। इसके अलावा 55 शेयरों ने आज कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई छुआ। वहीं 563 शेयरों ने अपने 52-हफ्तों का नया निचला स्तर छुआ।
स्टाक एक्सचेंज में आज़ गिरावट इतनी तेज रही कि सेंसेक्स के सिर्फ 2 शेयर आज बढ़त के साथ बंद हुए। हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के शेयर 1.18 फीसदी और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के शेयरों में 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।
बीएसई सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर आज लाल निशान में यानी गिरावट में बंद हुए। इसमें लार्सन एंड टुब्रो का शेयर 7.52 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स रहा, वहीं टाटा स्टील, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और मारुति सुजुकी के शेयरों में 3.12 फीसदी से लेकर 5.20 फीसदी तक की गिरावट रही।
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