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2.27 करोड़ की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

महिला से 2.27 करोड़ की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर/नई दिल्ली। जबलपुर पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

महिला से 227 करोड़ की ठगी दो आरोपी गिरफ्तार

Share Market Investment Scam |

जबलपुर/नई दिल्ली। जबलपुर पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जबलपुर लाया गया है। उधर, नई दिल्ली में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रूख अपनाया है और कहा कि 54 हजार करोड़ का डिजिटल फॉड सीदी डकैती है।

ठगी का जाल बिछाया, फिर उसी में फंसे

जबलपुर की एक महिला को साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया था। ठगों ने महिला को भरोसा दिलाया कि​प्रतिदिन 5 प्रतिशत का रिटर्न मिलेगा।​दीर्घकालिक निवेश (Long-term investment) पर 500 प्रतिशत तक का मुनाफा होगा।इस झांसे में आकर महिला ने कुल 2 करोड़ 27 लाख रुपये गंवा दिए। जब उसे ठगी का एहसास हुआ, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई फिर गिरफ्तारी

​शिकायत मिलने के बाद जबलपुर एसपी सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। टीम ने जम्मू-कश्मीर से ​नसीर अहमद को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से ​मोहम्मद अजहर को भी गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के बैंक खातों में ठगी की रकम में से 45 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

​ठगी का तरीका और गिरोह का नेटवर्क

​पूछताछ में पता चला कि यह संगठित गिरोह है। आरोपियों ने बताया कि​जैसे ही उनके खातों में पैसे आते थे, गिरोह के सदस्य उन्हें चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में ले जाते थे।वहां उन्हें बड़े होटलों में ठहराया जाता था और ऐशो-आराम कराया जाता था।​खाते में पैसे पहुंचते ही उस रकम को गिरोह के सरगना (Kingpin) के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।

​पुलिस जुटा रही बैंक खातों की जानकारी

​इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच निरीक्षक प्रतिज्ञा मार्को, साइबर सेल के उप निरीक्षक नीरज सिंह नेगी, उप पुलिस अधीक्षक (साइबर) अंजुल अयंक मिश्रा, उषा विश्वकर्मा, अशोक मिश्रा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य सरगना की तलाश कर रही है। साथ ही उन अन्य बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है जिनमें ठगी की शेष राशि ट्रांसफर की गई थी।

शीर्ष कोर्ट ने डिजिटल फ्रॉड को डकैती करार दिया

उधर, डिजिटल फ्रॉड के जरिय 54 हजार करोड़ से अधिक रकम निकल जाने को सुप्रीम कोर्ट ने सीधा डकैती करार दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि इस पर रोक लगाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जाए। कोर्ट ने कहा, यह रकम कई छोटे राज्यों के बजट से अधिक है। इस मामले में समय पर कार्रवाई बहुत जरूरी है।

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