कराची। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच हाईवोल्टेज लीग मुकाबला कराने की कोशिशें शुरू कर दी है।
कराची। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच हाईवोल्टेज लीग मुकाबला कराने की कोशिशें शुरू कर दी है। इस मसले को सुलझाने के लिए आईसीसी उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारियों से मिलने के लिए लाहौर पहुंच गए हैं। आईसीसी का मानना है कि भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर जारी गतिरोध समाप्त हो सकता है।
भारत-पाक मैच पर मध्यस्थता तेज
आईसीसी उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा ने इस दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के साथ बैठक की। आईसीसी में सिंगापुर का प्रतिनिधित्व करने वाले ख्वाजा वैश्विक संचालन संस्था में एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और एसोसिएट सदस्य निदेशक के तौर पर बोर्ड में उनके पास मतदान का अधिकार है। पाकिस्तान के भारत के साथ मुकाबले के बहिष्कार को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने के लिए ख्वाजा पिछले कुछ समय से मोहसिन नकवी से बातचीत कर रहे हैं। पीसीबी के एक सूत्र के अनुसार आईसीसी ने इस विवादास्पद विषय पर मध्यस्थ के रूप में ख्वाजा को नामित किया है। इसी सिलसिले में वो लाहौर पहुंचे हैं। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले को लेकर चर्चा हुई। पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट "डॉन" ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान सरकार से मंजूरी मिलने के बाद दोनों पक्ष बैठक के नतीजे का एलान करेंगे।
फोर्स मेज्योर पर ICC ने मांगा जवाब
पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में अभी भी बहिष्कार पर आमादा है। पाकिस्तान की सरकार ने हाल ही में इस बात का एलान किया था कि उनकी टीम टी20 विश्व कप 2026 में खेलने के लिए कोलंबो जाएगी, लेकिन भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले मुकाबले का बहिष्कार करेगी। हालांकि, इस बात की जानकारी आईसीसी को पीसीबी की तरफ से नहीं दी गई, जिस पर खेल की वैश्विक संस्था ने बोर्ड से जवाब मांगा। पीसीबी ने कुछ दिन पहले आधिकारिक तौर पर आईसीसी को पत्र लिखकर फोर्स मेज्योर प्रावधान लागू करने की मांग की थी। फोर्स मेज्योर एक कानूनी प्रावधान है, जो किसी पक्ष को असाधारण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों से हटने की छूट देता है। इसमें युद्ध, प्राकृतिक आपदा, सरकारी आदेश या सार्वजनिक आपातकाल जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। इसका इस्तेमाल तभी मान्य होता है जब प्रभावित पक्ष साबित करे कि घटना अनपेक्षित, अपरिहार्य थी और उसने सभी संभव प्रयास किए ताकि नुकसान को कम किया जा सके। इसके लिए सिर्फ असुविधा या राजनीतिक पसंद पर्याप्त नहीं होती। पीसीबी की मांग पर आईसीसी ने भी पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा कि मैच नहीं खेलने को सही ठहराने के लिए फोर्स मेज्योर के प्रावधान को कैसे लागू किया जा सकता है।
भारत-पाक मैच पर जगी उम्मीद
इस बीच सूत्रों ने बताया कि श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) द्वारा पीसीबी को एक ईमेल भेजा गया है। इस ईमेल में पाकिस्तान से बहिष्कार खत्म करने का आग्रह किया गया है। सूत्रों का मानना है कि इस मेल के बाद जमी बर्फ पिघलने की उम्मीद जगी है। एसएलसी ने सभी हितधारकों को होने वाले भारी वित्तीय नुकसान का हवाला देते हुए पीसीबी को अपने फैसले पर फिर से विचार करने की चेतावनी दी है। अब उम्मीद की किरण दिख रही है क्योंकि पीसीबी ने आईसीसी से बातचीत के लिए संपर्क किया है। आईसीसी के एक निदेशक ने यह जानकारी दी जिन्हें लगता है कि यह बड़ा मुकाबला आखिरकार होगा।
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