नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली बॉर्डर पर टोल प्लाजा की वजह से लगने वाले जाम और उससे हो रहे पॉल्यूशन पर CJI ने नाराज़गी जताते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) को दिल्ली बॉर्डर पर पडने वाले सभी 9 टोल बूथों को कुछ समय के लिए सस्पेंड करने पर विचार करने का निर्देश दिया है। शीर्ष कोर्ट ने एक हफ्ते में एनडीएमसी से इस मसले पर फैसला लेने का निर्देश दिया है। पीठ ने एनसीआर में शामिल सभी राज्यों को इसमें सहयोग करने को कहा है। मामले की सुनवाई 6 जनवरी को होगी।
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच ने बुधवार को सुनवाई हुई। दिल्ली बॉर्डर पर टोल प्लाजा की वजह से लगने वाले जाम और उससे हो रहे पॉल्यूशन पर CJI ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि क्यों नहीं कोई अधिकारी आगे आकर कहता है कि जनवरी तक टोल नहीं वसूला जाएगा। कल को आप कनॉट प्लेस में भी टोल प्लाजा वसूलना शुरू कर देंगे, क्योंकि आपको पैसा चाहिए।
गंभीर वायु प्रदूषण के संकट पर शीर्ष अदालत ने जाहिर की चिंता
शीर्ष अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की वजह से जहरीली हुई हवा के मद्देनजर यह निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने गंभीर वायु प्रदूषण के संकट पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ‘यह हर साल सामने आने वाली समस्या है और इस खतरे से निपटने के लिए कारगर एवं व्यावहारिक समाधानों का जरूरत है।’
दिल्ली बॉर्डर पर टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम पर CJI ने जताई नाराजगी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने व्यंग्य करते हुए नगर निगम से कहा कि ‘कल से आप सीपी (कनॉट प्लेस) के अंदर भी टोल प्लाजा लगाना शुरू कर देंगे क्योंकि आपको पैसे चाहिए?’ सीजेआई ने कहा कि हम टोल के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन आपको कुछ रास्ता निकालना होगा जिससे 31 जनवरी तक टोल नहीं लगे। दिल्ली बॉर्डर पर टोल प्लाजा की वजह से लगने वाले जाम और उससे हो रहे पॉल्यूशन पर CJI ने नाराजगी जताई है।
MCD के 9 टोल बूथों को स्थानांतरित करने के मिले निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़े ढांचागत बदलाव का सुझाव दिया और कहा कि हर 5 से 10 किलोमीटर पर टोल प्लाजा होने के बजाय, उन्हें 50 किलोमीटर के अंतराल पर रखा जा सकता है, जिससे कुछ ट्रैफिक को मोड़ने और शहर की सीमाओं के पास भीड़भाड़ कम करने में मदद मिल सकती है। पीठ ने एनएचएआई को दिल्ली में नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे 9 टोल कलेक्शन बूथों को वैकल्पिक जगहों पर शिफ्ट करने की संभावना की जांच करने का आदेश दिया, जहां उन्हें एनएचएआई द्वारा मैनेज किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से इस संभावना पर विचार करने को कहा है कि दिल्ली में MCD के 9 टोल बूथों को ऐसे स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए, जिन्हें NHAI द्वारा संचालित किया जा सके और उसके द्वारा वसूले गए टोल का एक हिस्सा MCD को दिया जा सके, ताकि अस्थायी रूप से होने वाले कथित नुकसान की भरपाई की जा सके।
CJI ने एमसीडी से कहा कि अगले साल से ये तय करें कि एक अक्टूबर से 31 जनवरी तक कोई टोल नहीं लिया जाएगा। हम अगले वर्ष 31 जनवरी तक बिल्कुल भी टोल प्लाजा न लगाने की एक ठोस योजना पर सहमति बनाना चाहते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर, यदि टोल प्लाजा मौजूद है तो 5-10 किलोमीटर के बजाय 50 किलोमीटर के बाद टोल प्लाजा बनाया जा सकता है। यदि प्लाजा 50 किलोमीटर के बाद बनाया जाता है, तो कुछ यातायात को डायवर्ट किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार द्वारा 15 दिसंबर से 5वीं कक्षा के तक फिजिकल क्लास निलंबित किए जाने के लिए जारी आदेश को चुनौती देने वाली अर्जियों पर विचार करने से इनकार कर दिया।
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