आजकल 18–25 वर्ष की उम्र में ही बालों का सफेद होना बेहद आम हो गया है। सामान्य रूप से बाल 30 वर्ष के बाद सफेद होते हैं, लेकिन बदलती जीवनशैली और कई आंतरिक कारणों के चलते यह समस्या पहले ही शुरू हो जाती है
कम उम्र में सफेद बाल: एक बढ़ती समस्या
आजकल 18–25 वर्ष की उम्र में ही बालों का सफेद होना बेहद आम हो गया है। सामान्य रूप से बाल 30 वर्ष के बाद सफेद होते हैं, लेकिन बदलती जीवनशैली और कई आंतरिक कारणों के चलते यह समस्या पहले ही शुरू हो जाती है। वैज्ञानिक भाषा में इसे प्रीमेच्योर ग्रेइंग ऑफ हेयर कहा जाता है।
मेलानिन की कमी सबसे बड़ा कारण
बालों का रंग मेलानिन नामक पिगमेंट से मिलता है। जब हेयर फॉलिकल्स में मौजूद मेलानोसाइट्स कोशिकाएं मेलानिन बनाना कम कर देती हैं या बंद कर देती हैं, तो बाल रंगहीन होकर सफेद दिखने लगते हैं।
यह प्रक्रिया सिर्फ उम्र से नहीं, बल्कि कई अन्य कारणों से भी प्रभावित होती है।
आनुवंशिकता: सबसे आम वजह
कम उम्र में सफेद बालों का सबसे बड़ा कारण जेनेटिक्स है। यदि आपके माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य के बाल जल्दी सफेद हुए थे, तो आपके साथ भी यह समस्या होने की संभावना अधिक है। आनुवंशिक कारणों को पूरी तरह रोकना तो संभव नहीं, लेकिन संतुलित जीवनशैली अपनाकर इसकी प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है।
ऑक्सीडेटिव तनाव का बढ़ना
आधुनिक जीवनशैली में बढ़ता ऑक्सीडेटिव तनाव एक प्रमुख कारण माना जाता है। इसमें शामिल हैं:
- लगातार मानसिक तनाव
- नींद की कमी
- धूम्रपान
- जंक फूड और खराब डाइट
ये सभी कारक शरीर में ऐसे फ्री रेडिकल्स बढ़ाते हैं जो मेलानोसाइट्स को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे मेलानिन का उत्पादन कम हो जाता है और बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं।
क्या करें?
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें
- तनाव कम करें
- धूम्रपान से बचें
- पर्याप्त नींद लें
- विटामिन B12, आयरन और कॉपर की कमी की जांच कराएं
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