हबल स्पेस टेलीस्कोप पर काम कर चुके और दो अंतरिक्ष मिशनों में हिस्सा ले चुके नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो ने कहा है कि ब्रह्मांड में जीवन होने की संभावना अभी भी बहुत मज़बूत है।
नई दिल्ली। हबल स्पेस टेलीस्कोप पर काम कर चुके और दो अंतरिक्ष मिशनों में हिस्सा ले चुके नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो ने कहा है कि ब्रह्मांड में जीवन होने की संभावना अभी भी बहुत मज़बूत है। उन्होंने कहा कि मानव जाति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हम ब्रह्मांड में अकेले हैं।
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि हमें अभी तक एलियंस से संपर्क होने का कोई सबूत नहीं मिला है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कभी ऐसा हुआ ही ना हो। उनका कहना है कि ब्रह्मांड का आकार इतना बड़ा है कि किसी दूसरी जगह जीवन होना पूरी तरह से संभव है।
उन्होंने कहा, "अरबों गैलेक्सियाँ हैं और हर एक में अरबों तारे हैं। ज़्यादातर तारों के आसपास ग्रह होते हैं। हमने जीवन के कुछ आधार तो ढूंढे हैं, लेकिन अब तक कोई जीवन नहीं मिला है।"
उन्होंने नासा के उस अध्ययन पर बात करते हुए जिसमें कहा गया है कि एलियंस पृथ्वी को सुन रहे हो सकते हैं, कहा कि असली समस्या जीवन का होना नहीं, बल्कि उससे संपर्क करना है। उन्होंने बताया कि तारों के बीच की दूरी इतनी ज़्यादा है कि रेडियो संकेतों को भी वहां तक पहुंचने में बहुत समय लगता है। उन्होंने कहा कि यह खोज कल्पना से नहीं, बल्कि भौतिकी के नियमों से सीमित है।
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे सोशल मीडिया पर वायरल सवाल पूछा गया — "क्या लोग स्पेस में सेक्स कर सकते हैं?" — तो उन्होंने हंसते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह असंभव है। इसका कोई सबूत नहीं है कि ऐसा हुआ है, लेकिन इसे नकारने का कोई वैज्ञानिक कारण भी नहीं है।"
मंगल ग्रह पर अगले 20-25 साल में मानव मिशन भेजने की संभावना पर उन्होंने कहा कि यह मुश्किल और महंगा होगा, लेकिन संभव है। उन्होंने बताया कि मंगल तक जाना आसान नहीं है क्योंकि वहां जाने के लिए ग्रहों का सही स्थिति में होना ज़रूरी है और वहां कम्युनिकेशन में भी 20-30 मिनट की देरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इंसानों को मंगल पर लगभग एक साल रुकना पड़ सकता है, क्योंकि वापसी के लिए भी ग्रहों के एक सीध में आने का इंतजार करना होगा। फिर भी उनका मानना है कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
एरिया 51 और एलियन वाली कॉन्सपिरेसी थ्योरी पर उन्होंने कहा कि यह जगह सिर्फ एक सुरक्षित सैन्य इलाका है और जहां तक उन्हें पता है, वहाँ कोई एलियन नहीं हैं। उन्होंने कहा, "अगर एलियंस होते और सरकार छिपाती, तो उसे छिपाना असंभव होता।"
अंत में उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि एक दिन हम एलियंस से संपर्क करेंगे। शायद मिलने नहीं, लेकिन संचार के ज़रिए। लेकिन इसके लिए उन्हें हमसे ज़्यादा स्मार्ट होना पड़ेगा, क्योंकि अभी हम उस स्तर के नहीं हैं।"
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/chinese-embassy-in-india-to-launch-online-visa-application-system-on-december-22/100398
भारत में चीन 22 दिसंबर से शुरू करेगा आनलाइन वीजा प्रणाली