उज्जैन। करीब एक साल पहले इंदौर के 'युगपुरुष आश्रम' में बच्चों की मौत के बाद उसे बंद कर दिया गया था...
उज्जैन का सेवाधाम आश्रम 17 बच्चों की मौत मामले में कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
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उज्जैन। करीब एक साल पहले इंदौर के 'युगपुरुष आश्रम' में बच्चों की मौत के बाद उसे बंद कर दिया गया था। वहां से 86 बच्चों को बेहतर देखभाल के वादे के साथ उज्जैन के सेवाधाम आश्रम शिफ्ट किया गया था। शिफ्ट किए गए 86 बच्चों में से 17 बच्चों की मौत हो चुकी है। इन मौतों का प्राथमिक कारण 'सांस लेने में तकलीफ' बताया गया है। कई बच्चे गंभीर एनीमिया और पहले से मौजूद पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे।
हाईकोर्ट का सख्त रुख
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को इस मामले को जनहित याचिका (PIL) के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने माना कि यह मामला प्रथम दृष्टया बच्चों के मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 21), किशोर न्याय अधिनियम 2015, और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के उल्लंघन का संकेत देता है।
किसको जारी हुआ नोटिस और अगली कार्रवाई?
कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है और मुख्य सचिव (Chief Secretary), मध्य प्रदेश, प्रमुख सचिव (महिला एवं बाल विकास विभाग), कलेक्टर एवं कमिश्नर, उज्जैन, आश्रम अधीक्षक (Ashram Superintendent) को नोटिस दिया गया है। अगली सुनवाई 12 मार्च 2026 को होगी।
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