MP News : इंदौर। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित एक मंदिर को ध्वस्त किए जाने की घटना से इंदौर में...
MP News : इंदौर। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित एक मंदिर को ध्वस्त किए जाने की घटना से इंदौर में गहरा आक्रोश फैल गया है। लगभग 300 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर के ध्वस्तीकरण से लोगों में शोक और आक्रोश व्याप्त है। घटना में देवी अहिल्याबाई से जुड़ी दो ऐतिहासिक मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि एक मूर्ति अब भी मलबे में लापता बताई जा रही है।
प्रशासन ने पुनर्निर्माण का दिया आश्वासन
वाराणसी के कलेक्टर सत्येंद्र कुमार ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को फोन पर आश्वस्त किया कि ध्वस्त मंदिरों का पुनर्निर्माण किया जाएगा और मूर्तियों को पूरे सम्मान के साथ पुनः स्थापित किया जाएगा।
युवराज यशवंतराव होलकर ने किया स्थल का निरीक्षण
होलकर वंश के उत्तराधिकारी यशवंतराव होलकर (तृतीय) वाराणसी पहुंचे और ध्वस्त स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने देवी अहिल्याबाई द्वारा पुनर्स्थापित मंदिर को तोड़े जाने की न्यायिक जाँच की मांग की और संपूर्ण पुनर्निर्माण पर जोर दिया। यह ध्वस्तीकरण काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत किया गया बताया गया है। उसमें ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण संरचनाएँ नष्ट हो गईं।
मामला पीएमओ और यूपी सीएम कार्यालय तक पहुंचा
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, इस ध्वस्तीकरण और जनआक्रोश की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय तक पहुँचा दी गई है। यह घटना इंदौरवासियों की भावनाओं को गहराई से आहत कर गई है, क्योंकि पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर की विरासत इंदौर की पहचान, आस्था और गौरव से गहराई से जुड़ी हुई है।
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