पश्चिम बंगाल के निवर्तमान राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कोलकाता से केरल जाने के पहले लिखे पत्र में कहा है कि पश्चिम बंगाल उनका दूसरा घर है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के निवर्तमान राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कोलकाता से केरल जाने के पहले लिखे पत्र में कहा है कि पश्चिम बंगाल उनका दूसरा घर है। कोलकाता और इस राज्य से उनका गहरा संबंध है। भले ही उनका आधिकारिक कार्यकाल खत्म हो गया है लेकिन इस राज्य से उनका “सफर” खत्म नहीं हुआ है।
महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर की भावना का जिक्र
सीवी आनंद बोस ने अपने पत्र में महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर की भावना का जिक्र किया। महात्मा गांध ने कहा था कि वे बंगाल नहीं छोड़ सकते और बंगाल उन्हें नहीं जाने देगा। सीवी आनंद बोस ने लिखा है कि वे भी वैसा ही महसूस कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल ने महान पुरुषों और महिलाओं को जन्म दिया है जिन्होंने देश को रास्ता दिखाया है। सीवी आनंद बोस ने रवींद्रनाथ टैगोर की गीतांजलि का जिक्र भी किया और पश्चिम बंगाल से जमीनी जुड़ाव पर जोर दिया।
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