प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

पुलिस के खिलाफ वकीलों का विरोध तेज

दिल्ली में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ACP और SHO के निलंबन की मांग पर अड़े बार एसोसिएशन

शाहदरा थाने में वकीलों के साथ कथित धमकी और एफआईआर के विवाद को लेकर दिल्ली की बार एसोसिएशनों ने अनिश्चितकालीन न्यायिक कार्य बहिष्कार का आह्वान किया है।

दिल्ली में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल acp और sho के निलंबन की मांग पर अड़े बार एसोसिएशन

representative image |

नई दिल्ली। दिल्ली बार एसोसिएशन की समन्वय समिति (कोऑर्डिनेशन कमेटी) मंगलवार को न्यायिक कार्य से विरत रही। शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने और एक एसीपी द्वारा पुलिस स्टेशन में वकीलों को कथित तौर पर धमकाए जाने के विरोध में समिति ने अब न्यायिक कार्य से अनिश्चितकालीन विरत (बहिष्कार) रहने का आह्वान किया है। समिति ने कहा है कि शाहदरा पुलिस स्टेशन के एसीपी और एसएचओ के निलंबित होने तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। समन्वय समिति की बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष, अधिवक्ता नीरज द्वारा मंगलवार शाम को न्यायिक कार्य से अनिश्चितकालीन विरत रहने और एसीपी तथा एसएचओ के तत्काल निलंबन की अपनी मांग को दोहराते हुए बहिष्कार का एक परिपत्र (सर्कुलर) जारी किया गया।

पटियाला हाउस कोर्ट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक विरोध मार्च

नई दिल्ली बार एसोसिएशन (एनडीबीए), साकेत बार एसोसिएशन, सेंट्रल दिल्ली डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और अन्य ने समन्वय समिति के इस आह्वान का समर्थन किया है। अधिवक्ता नीरज ने कहा कि निलंबन की मांग पूरी होने तक यह बहिष्कार जारी रहेगा। एनडीबीए ने 29 अक्टूबर को पटियाला हाउस कोर्ट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक एक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। एनडीबीए के सचिव तरुण राणा ने मंगलवार को एक सर्कुलर जारी किया। सोमवार को समिति द्वारा जारी सर्कुलर में उल्लेख किया गया था कि यह मामला उस घटना से उपजा है जिसमें अधिवक्ता ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई थी। उक्त मामले में अधिवक्ता अमूल्य रतन शिकायतकर्ता हैं। तस्वीर में अधिवक्ता ललित बंसल के सिर पर आई चोट को दर्शाया गया है। 

संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग

इसमें आगे कहा गया कि 23 अक्टूबर 2026 की शाम को कई वकील उक्त घटना के संबंध में और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर शाहदरा पुलिस स्टेशन गए थे। सर्कुलर के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान, शाहदरा पुलिस स्टेशन के एसीपी और एसएचओ ने वकीलों को आश्वासन दिया था कि मामले में नामजद व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। समिति के सर्कुलर में कहा गया कि आगे यह भी जानकारी मिली कि संबंधित आरोपी व्यक्ति प्रासंगिक समय पर पुलिस स्टेशन में ही मौजूद थे। 24 अक्टूबर को वकीलों को पता चला कि संबंधित व्यक्तियों को गिरफ्तार नहीं किया गया था और उन्हें कथित तौर पर छोड़ दिया गया था। 

एसीपी ने वकीलों को धमकाया और डराया

सर्कुलर में उल्लेख किया गया है कि जब वकील मामले को संभालने के संबंध में अपनी चिंता व्यक्त करने और कानून के अनुसार जवाबदेही तय कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो एसीपी मनस्वी वशिष्ठ से जुड़ी एक घटना घटी। आरोप है कि एसीपी ने वहां मौजूद वकीलों को धमकाया और डराया। सर्कुलर में कहा गया कि समन्वय समिति ने एक निष्पक्ष जांच लंबित रहने तक एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और संबंधित एसएचओ के तत्काल निलंबन की मांग का संकल्प लिया है।

(इनपुटः ANI)

यह भी पढ़ेंः चक्रवात ‘अर्नाव’ को लेकर अलर्ट मोड में आंध्र प्रदेश, CM चंद्रबाबू नायडू बोले—हर जान की रक्षा प्राथमिकता

Related to this topic: