महासमुंद में वन विभाग ने साही के अवैध शिकार मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत की गई।
महासमुंद (छत्तीसगढ़)। वन परिक्षेत्र बागबाहरा द्वारा संचालित सघन गश्ती एवं वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत वन विभाग ने साही (इंडियन पॉर्कुपाइन) के अवैध शिकार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
आरक्षित वन क्षेत्र में शिकार की हुई पुष्टि
वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की। जांच में रैताल बीट के आरक्षित वन के कक्ष क्रमांक 154 में साही के अवैध शिकार की पुष्टि हुई। विवेचना एवं पूछताछ के दौरान ग्राम नवाडीह (खम्हरिया) के पांच व्यक्तियों की संलिप्तता पाई गई है। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपियों ने शिकार किए गए साही के मांस को काटकर आपस में बांटकर रखा था।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर वन अपराध प्रकरण में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 39, 50 एवं 51 के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की गई। वन विभाग ने गिरधारी गोंड, लोकनाथ गोंड, नागेश्वर गोंड, सियाराम राजपूत एवं नरसिंह कुमार को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
वन विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील की
इस कार्रवाई में डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा, वनरक्षक डीलेश्वरी कंवर, नीलकंठ दीवान, वीरेंद्र दीवान सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रही। साथ ही वन प्रबंधन समिति नवाडीह (खम्हरिया) के सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। वन विभाग ने आम नागरिकों से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने तथा वन्यजीवों के अवैध शिकार या तस्करी संबंधी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को देने की अपील की है।
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