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कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

SIR प्रक्रिया पूरी करने के लिए बंगाल में न्यायिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल के आदेशानुसार सभी न्यायिक अधिकारियों की सभी छुट्टी 9 मार्च तक रद्द कर दी गई हैं।

sir प्रक्रिया पूरी करने के लिए बंगाल में न्यायिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

Judicial Leaves Cancelled in Bengal Over SIR Deadline |

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल के आदेशानुसार सभी न्यायिक अधिकारियों की सभी छुट्टी 9 मार्च तक रद्द कर दी गई हैं। केवल चिकित्सीय आपातकाल में ही जरूरत को देखते हुए छुट्टी मंजूरी पर विचार किया जाएगा। जो न्यायिक अधिकारी पहले से छुट्टी पर हैं, उन्हें 23 फरवरी तक अपने-अपने अदालतों या कार्यालयों में हर हाल में मौजूद होना होगा।

लगभग सभी स्तर के न्यायिक अधिकारी अब बिना अवकाश के करेंगे काम

कलकत्ता हाई कोर्ट के रजिस्टार जनरल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जिला जज, सेशन जज, चीफ जज, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज, एडिशनल सेशन जज, स्पेशल, सीबीआई कोर्ट के विशेष जज, कामर्शियल कोर्ट्स, स्पेशल कोर्ट फॉर ट्रायल ऑफ क्रिमिनल केसेज अगेंस्ट एमपी-एमएलए, सिटी सिविल कोर्ट और सिटी सेशन कोर्ट कलकत्ता बेंच के जज 9 मार्च तक छुट्टी नहीं ले सकेंगे। यह आदेश लागू कर दिया गया है। जिनकी छुट्टी की मंजूरी मिल चुकी है, वे रद्द कर दी गई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायिक अधिकारी भी किसी भी तरह की छुट्टी लेने से परहेज करेंगे।

स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत जॉइन करने के निर्देश

अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि जिन न्यायिक अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है वे 23 फरवरी तक उस जगह मौजूद हो जाए जहां ट्रांसफर किया गया है। उन्हें अपनी नई जगह पर 24 परवरी से कार्य शुरू कर देना है। जिन न्यायिक अधिकारियों का जिला जज के रुप में तबादला हुआ है, वे 26 फरवरी को ही अपनी नई जगह पर काम शुरू कर दें। जिनका 23 फरवरी से 9 मार्च तक कोई ट्रेनिंग प्रोग्राम तय है तो वह रद्द किया जाता है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी

कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल ने राज्य के मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, डीजीपी  पीयूष पांडेय और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के दिए निर्देश के अमुसार  एसआईआर के बचे कार्यों को पूरा करने की जिम्मेदारियो से अवगत करा दिया है।

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