मुरैना के पोरसा अस्पताल में पिछले तीन साल से कोई एंबुलेंस नहीं है, जिसकी वजह से मरीजों और उनके परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है.
मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मरीजों की सुविधा के लिए संचालित होने वाली रेड क्रॉस एंबुलेंस पिछले तीन-चार वर्षों से खराब हालत में कबाड़ बनी खड़ी है। कई बार पोरसा स्वास्थ्य विभाग की ओर से उच्च अधिकारियों को पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक नई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में इसका खामियाजा सीधे मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
दो वर्षों से धूल फांक रही एंबुलेंस
पोरसा का नया शासकीय अस्पताल शहर से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में गंभीर मरीजों को अस्पताल तक लाने और जिला अस्पताल मुरैना रेफर करने के दौरान रेड क्रॉस एंबुलेंस की अनुपलब्धता बड़ी समस्या बनी हुई है। खराब एंबुलेंस को पुराने अस्पताल परिसर में खड़ा कर दिया गया है, जहां वह पिछले दो वर्षों से धूल फांक रही है।
मरीजों को निजी एंबुलेंस का लेना पड़ा रहा सहारा
रेड क्रॉस एंबुलेंस नहीं होने के कारण मरीजों को मजबूरी में निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। आरोप है कि निजी एंबुलेंस संचालक पोरसा से मुरैना तक मरीजों से 1800 से 2000 रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि रेड क्रॉस एंबुलेंस की निर्धारित दर के अनुसार यही सेवा 1000 से 1200 रुपये में उपलब्ध हो जाती थी। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
मांग करने के बाद भी नहीं मिल रही नई एंबुलेंस
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा कई बार नई एंबुलेंस की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों ने प्रशासन से जल्द नई रेड क्रॉस एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को समय पर और सस्ती स्वास्थ्य परिवहन सुविधा मिल सके।
रेड क्रॉस समिति की बैठक में रखा जाएगा नई एंबुलेंस का प्रस्ताव
पोरसा स्वास्थ्य बीएमओ डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि जल्द ही रेड क्रॉस समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें नई रेड क्रॉस एंबुलेंस का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी महीने पोरसा अस्पताल को नई रेड क्रॉस एंबुलेंस उपलब्ध करा दी जाएगी।
ये भी पढे़ं- अखबार के कागज में खाने-पीने का सामान रखना हो सकता है खतरनाक