रायबरेली में नूडल्स सप्लायर के एक एजेंट ने व्यापारियों से वसूले गए पैसों को डकारने के लिए खुद ही अपनी 'लूट' की झूठी कहानी लिख डाली।
रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। कहते हैं कि 'अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता।' ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला रायबरेली में सामने आया है। यहां नूडल्स सप्लायर के एक एजेंट ने व्यापारियों से वसूले गए पैसों को डकारने के लिए खुद ही अपनी 'लूट' की झूठी कहानी लिख डाली। शातिर ने पुलिस को चकमा देने के लिए बाइक सवार बदमाशों द्वारा रुपये लूटने का ड्रामा रचा, लेकिन भदोखर पुलिस की पैनी नजरों और कड़ाई के आगे उसकी यह 'फ्लॉप स्क्रिप्ट' चंद घंटों में ही बेनकाब हो गई। पुलिस ने आरोपी एजेंट को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि मामला सोमवार शाम का है, जब पुलिस को सूचना मिली कि निजाम नाम के एक युवक से बाइक सवार बदमाशों ने हजारों रुपये लूट लिए हैं। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भदोखर थाना प्रभारी राकेश चंद्र सहित तीन टीमों का गठन किया और जांच शुरू करवा दी।
CCTV फुटेज खंगाले तो खुला राज
पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो कहानी में झोल नजर आया। एएसपी ने बताया कि जांच में ही घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। इसके बाद जब शिकायतकर्ता निजाम से पुलिसिया अंदाज में कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया और उसने जो सच उगला, उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।
बिहार भागने की थी तैयारी
आरोपी निजाम मूल रूप से बिहार के थाना जोकीहाट, बगड्डा अरेहिया का रहने वाला है। वह डलमऊ के बलीपुर निवासी नूडल्स सप्लायर ऋषि द्विवेदी के यहां एजेंट के तौर पर काम करता था। सोमवार को उसने दुकानदारों से माल सप्लाई के बदले 46,000 रुपये की वसूली की थी।
जीजा के खाते में भेजे पैसे
नियत खराब होने पर निजाम ने रुपये मालिक को देने के बजाय हड़पने की योजना बनाई. उसने वसूले गए रुपयों में से 40,000 रुपये तुरंत अपने जीजा के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाकी बचे 6,000 रुपये उसने अपनी जेब में रखे और बिहार भागने की फिराक में लग गया। एएसपी ने बताया कि मंगलवार को भदोखर पुलिस ने आरोपी निजाम को दरियापुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
(Published By: Ravi Pandey)
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