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RPF को टिकट जांचने का अधिकार नहीं

RPF को टिकट जांचने या जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं, रेलवे ने जारी किया स्पष्टीकरण

सोशल मीडिया पर आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) को टिकट जांचने और यात्रियों पर जुर्माना लगाने का अधिकार मिलने संबंधी दावों के बीच रेलवे ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।

rpf को टिकट जांचने या जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं रेलवे ने जारी किया स्पष्टीकरण

RPF Has No Right to Check Tickets: Railway |

वाराणसी {उत्तर प्रदेश}: सोशल मीडिया पर आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) को टिकट जांचने और यात्रियों पर जुर्माना लगाने का अधिकार मिलने संबंधी दावों के बीच रेलवे ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। वाराणसी मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि रेलवे बोर्ड ने आरपीएफ को स्वतंत्र रूप से टिकट जांचने या जुर्माना वसूलने का कोई अधिकार नहीं दिया है।

जन विश्वास अधिनियम को लेकर फैला था भ्रम

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि जन विश्वास अधिनियम के तहत आरपीएफ को टिकट जांच और जुर्माना लगाने की शक्ति मिल गई है। इन खबरों के बाद यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। कुछ यात्रियों ने यह आरोप भी लगाया कि आरपीएफ कर्मी ट्रेनों में टिकट जांच कर रहे हैं और जुर्माना वसूल रहे हैं।

केवल टीटीई और टीसी को है टिकट जांच का अधिकार

रेलवे ने अपने स्पष्टीकरण में साफ कहा है कि यात्रियों के टिकट की जांच करने और बिना टिकट यात्रा पर कार्रवाई करने का अधिकार केवल वाणिज्य विभाग के अधिकृत टिकट निरीक्षकों (टीटीई/टीसी) के पास है। आरपीएफ केवल टिकट जांच अभियान के दौरान वाणिज्य विभाग की सहायता कर सकती है, लेकिन वह स्वयं किसी यात्री का टिकट जांचने या जुर्माना लगाने की अधिकारी नहीं है।

इन मामलों में कार्रवाई कर सकती है RPF

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि आरपीएफ को रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार प्राप्त है। स्टेशन या रेलवे परिसर में अवैध प्रवेश, अनधिकृत वेंडिंग, गंदगी फैलाने, धूम्रपान करने और अन्य नियमों के उल्लंघन के मामलों में आरपीएफ के अधिकृत अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगा सकते हैं।

आगरा विवाद के बाद जारी हुआ स्पष्टीकरण

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब आगरा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद की खबर सामने आई। इसके बाद टिकट जांच संगठन के महासचिव रितेश विशाल ने आरोप लगाया कि जन विश्वास अधिनियम का हवाला देकर आरपीएफ टिकट जांच रही है, जबकि यह अधिकार केवल वाणिज्य विभाग के पास है।

रेलवे ने स्थिति की पूरी तरह की स्पष्ट

बढ़ते विवाद के बीच रेलवे ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट कर दिया है कि टिकट जांच और बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना लगाने का अधिकार अब भी केवल वाणिज्य विभाग के अधिकृत कर्मचारियों के पास ही है। आरपीएफ इस प्रक्रिया में केवल सहयोगी की भूमिका निभा सकती है।

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