एटीसी कमांडेंट के बंगले पर कार्यरत कर्मचारी शैलेन्द्र पाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
सीतापुर {उत्तर प्रदेश}: एटीसी कमांडेंट के बंगले पर कार्यरत कर्मचारी शैलेन्द्र पाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक शैलेन्द्र पाल थाना खैराबाद क्षेत्र के राजापुर चिलवरा गांव के रहने वाले थे। उनकी पत्नी सरिता पाल ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि चोरी के संदेह में उनके पति के साथ मारपीट की गई। शिकायत के मुताबिक, शैलेन्द्र पाल को दो दिनों तक कथित तौर पर अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। इस दौरान उनके साथ मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना की गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि उनसे पांच लाख रुपये की मांग की गई और उनका मोबाइल फोन व अन्य जरूरी दस्तावेज भी अपने कब्जे में रख लिए गए।
जहर खाने के बाद हुई मौत का आरोप
परिजनों का कहना है कि लगातार प्रताड़ना और दबाव से परेशान होकर शैलेन्द्र पाल ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ हत्या, अवैध हिरासत, मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग भी उठाई।
पुलिस ने जांच का दिया भरोसा
फिलहाल पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष से प्राप्त शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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