भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी की तैयारियों के बीच पीपी (पॉलीप्रोपाइलीन) बैग की कमी सामने आ गई है...
मप्र में पीपी बैग की कमी, इससे गेहूं खरीदी में दिक्कत का सामना कर रही है सरकार
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भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी की तैयारियों के बीच पीपी (पॉलीप्रोपाइलीन) बैग की कमी सामने आ गई है। इन बैगों का उपयोग मंडियों और खरीदी केंद्रों पर गेहूं भरने और भंडारण के लिए किया जाता है। बैग की कमी के कारण सरकार को खरीदी व्यवस्था में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पेट्रोलिम पदार्थ से बनने इस बैक का उत्पादन प्रभावित हुआ
जानकारी के अनुसार पेट्रोलियम उत्पादों से बनने वाले इन बैगों का उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे आपूर्ति कम हो गई है। यही वजह है कि राज्य में प्रस्तावित गेहूं खरीदी की तारीख में बदलाव करना पड़ा है। पहले खरीदी प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
बैग की कमी दूर करने के प्रयास जारी
खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बैग की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र और आपूर्तिकर्ता कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि खरीदी शुरू होने से पहले पर्याप्त मात्रा में पीपी बैग उपलब्ध हो सकें।
सरकार कर रही है तैयारी
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की सुचारू खरीदी हो और किसी किसान को परेशानी न हो। इसके लिए खरीदी केंद्रों की तैयारी के साथ-साथ भंडारण और परिवहन की व्यवस्था भी की जा रही है।
बैग की आपूर्ति प्रभावित न हो इसके प्रयास जारी
हालांकि, यदि समय पर बैग की आपूर्ति नहीं हो पाती है तो शुरुआती दिनों में खरीदी केंद्रों पर कुछ परेशानी देखने को मिल सकती है। इसलिए सरकार जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने में जुटी हुई है।
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