उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्तर प्रदेश की अमेठी इकाई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा।
अमेठी: उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्तर प्रदेश की अमेठी इकाई ने बुधवार को बिजली विभाग की विभिन्न नीतियों के विरोध में उपजिलाधिकारी पंकज मिश्र के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में की गईं ये मांगें
प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर जिला अध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बिजली मीटर्स की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने, उपभोक्ताओं की सहमति के बिना विद्युत लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने, अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की वसूली समाप्त करने तथा बिजली बिलों में लगाए जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को खत्म करने की मांग की गई। इसके साथ ही प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।
व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़
जिला अध्यक्ष महेश सोनी ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। बढ़ते बिजली खर्च और अनियमित आपूर्ति से छोटे एवं मध्यम व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देना है तो बिजली विभाग की जनविरोधी नीतियों पर पुनर्विचार आवश्यक है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। ज्ञापन सौंपने के दौरान व्यापारियों ने बिजली व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ताओं को राहत देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान जिला वरिष्ठ महामंत्री सुशील जायसवाल, जिला महामंत्री राहुल लोहिया, जिला संगठन महामंत्री हिमांशु अग्रहरि, नगर अध्यक्ष सोनू कसौधन, जिला युवा महामंत्री पवन वैश्य, नगर महामंत्री संदीप अग्रहरि, नगर उपाध्यक्ष अखलेश अग्रहरि, प्रदीप जायसवाल, विकास पासवान, जिला युवा उपाध्यक्ष हिमांशु कसौधन, शक्ति कसौधन सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।
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