उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'विश्व युवा कौशल दिवस' के अवसर पर राज्य की बदलती आर्थिक और सामाजिक तस्वीर का पूरा खाका देश के सामने रखा है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'विश्व युवा कौशल दिवस' के अवसर पर राज्य की बदलती आर्थिक और सामाजिक तस्वीर का पूरा खाका देश के सामने रखा है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन तथा ITI के जरिए आत्मनिर्भर बने युवाओं को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले जिस उत्तर प्रदेश को 'बीमारू राज्य' की श्रेणी में धकेल दिया गया था, आज वही यूपी देश की 'टॉप थ्री' अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान यूपी की अर्थव्यवस्था को साल 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने के लिए एक बड़े नीतिगत बदलाव की घोषणा भी की। इस समारोह में सीएम योगी ने व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की विशेष पत्रिका 'कौशलम' का विमोचन किया और युवाओं द्वारा लगाई गई भव्य प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया।
भविष्य तभी साझा होता है, जब अवसर साझा होते हैं: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूनेस्को द्वारा घोषित इस वर्ष की थीम 'स्किल फॉर शेयर्ड फ्यूचर' (साझा भविष्य के लिए कौशल) का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकारों की मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "भविष्य तभी साझा होता है, जब अवसर साझा होते हैं और अवसर तब साझा होते हैं, जब उस प्रकार की जनहितैषी सोच रखने वाली सरकार हो। पूर्ववर्ती सरकारों की उदासीनता के कारण यूपी असीम संसाधनों के बावजूद पिछड़ गया था। आज लखनऊ में 'ब्रह्मोस मिसाइल' का निर्माण हो रहा है, जिसमें हमारे ITI, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के युवाओं को सीधे रोजगार मिल रहा है।"
सीएम योगी ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता का दावा करते हुए कहा, "हमारी सरकार ने बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। इसके साथ ही प्रदेश की 96 लाख MSME इकाइयों के माध्यम से सवा तीन करोड़ (3.25 करोड़) से अधिक युवा रोजगार और स्वरोजगार से सीधे जुड़े हैं।"
यूपी का गौरव: लोकल टू ग्लोबल ब्रांड्स
| जनपद |
प्रसिद्ध उद्योग |
| मुरादाबाद |
पीतल उद्योग |
| फिरोजाबाद |
ग्लास उद्योग |
| मेरठ |
स्पोर्ट्स गुड्स |
| लखनऊ |
चिकनकारी |
| आजमगढ़ |
ब्लैक पॉटरी |
| बनारस |
साड़ी उद्योग |
'सरदार पटेल' के नाम पर हर जिले में बनेंगे इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन
युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक घोषणा की। श्रम एवं सेवायोजन, MSME और व्यावसायिक शिक्षा विभाग मिलकर उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर 'इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन' स्थापित करेंगे। इन वर्ल्ड क्लास सेंटर्स की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित होंगी:
- ग्लोबल मार्केट मैपिंग: अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर किस क्षेत्र में जनशक्ति की आवश्यकता है, इसकी पहले मैपिंग की जाएगी।
- विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण: जो युवा विदेशों में नौकरी करने के इच्छुक हैं, उन्हें उनकी तकनीकी स्किलिंग के साथ-साथ संबंधित देश की भाषा (Language Training) सिखाई जाएगी।
- न्यू एज टेक्नोलॉजी पर जोर: पारंपरिक ट्रेडों के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और 3D प्रिंटिंग जैसी विधाओं में हाई-टेक ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग केवल लखनऊ या नोएडा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि सोनभद्र, बलिया, बहराइच, महोबा और चित्रकूट जैसे आकांक्षी जिलों में भी समान रूप से प्रदान की जा रही है।
- विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर रोजगार: 'हर घर नल योजना' और घरेलू PNG पाइपलाइन परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल और प्लंबिंग जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
स्वावलंबन की मिसाल: बरेली की बेटी 'राजरानी' की कहानी
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी हुए और उन्होंने बरेली की रहने वाली युवा राजरानी की सफलता की कहानी मंच से साझा की। राजरानी ने कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनते हुए 27,000 रुपये प्रति माह कमाना शुरू किया है, जिससे वह अपने परिवार का खर्च और अपनी बीमार मां का इलाज खुद करा पा रही है। मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की, "यद्यपि राजरानी के पास आयुष्मान कार्ड उपलब्ध है, परंतु इस वर्ष की निर्धारित सीमा समाप्त हो जाने के कारण, उसकी मां के आगे के इलाज का संपूर्ण खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। ऐसी परिश्रमी बेटियां ही नए भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का आधार हैं।"
9 वर्षों में 20 लाख युवाओं को ट्रेनिंग: राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि युवाओं की स्किलिंग केवल उन्हें नौकरी दिलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का जरिया है। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले 9 वर्षों में डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के तहत प्रदेश के 20 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से लगभग 12.5 लाख युवाओं को सफलतापूर्वक रोजगार प्राप्त हुआ है।
(Published By: Ravi Pandey)
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