लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है। सीएम योगी ने बुधवार को देर शाम निराला नगर स्थित संघ कार्यालय पहुंचकर संघ प्रमुख से मुलाकात की थी। दोनो नेताओं के बीच बंद कमरे में लगभग 35 मिनट तक गुप्तगू हुई। इस बीच यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने गुरूवार को सुबह करीब 9:00 बजे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवतसे मुलाकात की।
योगी-भागवत बैठक से चुनावी रणनीति
सीएम योगी और संघ प्रमुख की इस मुलाकात के बाद राज्य के दोनो डिप्टी सीएम की भेंट को आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले राज्य विधान सभा चुनाव से पूर्व संघ प्रमुख मोहन भागवत के राज्य के राज्य के दौरों से साफ है कि संघ ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि इधर बीच जिस तरह से संघ प्रमुख का फोकस यूपी को लेकर दिख रहा है और वह किसी न किसी कार्यक्रम के बहाने यूपी आ रहे हैं। उससे साफ है कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का ताना-बाना बुनने में संघ परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इन हालातों को देखते हुए सरकार के महत्वपूर्ण ओहदेदारों और संघ मुखिया की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव के अलावा, सरकार और संगठन के बीच समन्वय, यूपी में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार, राजय में चल रहे एसआईआर अभियान और यूजीसी से संबंधित मुद्दों पर सीएम और संघ प्रमुख में चर्चा हुई है। हालांकि बैठक का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आरएसएस की शताब्दी के उपलक्ष्य में मोहन भगवत क्षेत्रीय और प्रांतीय दौरे पर हैं और विभिन्न समूहों से बातचीत कर रहे हैं। गोरखपुर के बाद, वे अवध क्षेत्र के महानगर लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गये। याद रहे कि संघ प्रमुख भागवत कुछ दिनों पहले अयोध्या और कानपुर में भी प्रवास कर चुके हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा समारोह में 25 नवंबर को संघ प्रमुख ने शिरकत की थी। उस सयय भी सीएम योगी और मोहन भागवत के बीच एकांत में करीब 90 मिनट बातचीत हुई थी।
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