मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में विकास परियोजनाओं को गति देने और बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अप्रैल माह के अंत तक वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर उसे अप्रूव कराने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में विकास परियोजनाओं को गति देने और बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अप्रैल माह के अंत तक वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर उसे अप्रूव कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हेड-वाइज एलोकेशन शुरुआत से ही सुनिश्चित किया जाए और जिन मदों में आंतरिक संशोधन की आवश्यकता हो, उसे समय पर अनुमोदित कराया जाए, ताकि विकास कार्य बाधित न हों।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क निधि प्रबन्धन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य की सड़क परियोजनाओं की प्रगति और आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
सड़कें आर्थिक विकास की रीढ़ : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें राज्य के आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण, औद्योगिक विस्तार और जनसुविधाओं का मजबूत आधार हैं। इसलिए सभी विभाग समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुराने और लंबित कार्य किसी भी स्थिति में न रहें।
वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना की समीक्षा
बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना और वित्तीय प्रावधानों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रत्येक वर्ष अप्रैल के अंत तक वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर उसका अनुमोदन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
हेड-वाइज एलोकेशन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्देश दिए कि हेड-वाइज एलोकेशन शुरुआत से ही स्पष्ट हो और जिन मदों में आंतरिक संशोधन की आवश्यकता हो, उसे समय रहते मंजूरी दिलाई जाए, जिससे विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।
सड़क निर्माण में नई तकनीक अपनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क निर्माण में नई तकनीकों को अपनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि कम लागत में अधिक टिकाऊ और लंबी उम्र वाली सड़कों के निर्माण से जुड़े नवप्रयोगों को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परियोजना का परिणाम तय समयसीमा के भीतर जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। निर्माण और रखरखाव दोनों ही स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
ओवरलोड ट्रक और डंपरों पर सख्त नियंत्रण
प्रदेश में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने ओवरलोड ट्रक और डंपरों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे सड़क दुर्घटनाओं और सड़कों को होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।
भारी वाहन चालकों की नियमित स्वास्थ्य जांच
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भारी वाहनों के चालकों की नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि थकान या असावधानी के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। सड़क निर्माण और रखरखाव कार्यों के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। मुख्यमंत्री ने समिति को निर्देश दिया कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम दो बार बैठक आयोजित की जाए, जिससे कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा हो सके।
जनप्रतिनिधियों से ही लिए जाएं सड़क प्रस्ताव
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव केवल जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ही प्राप्त किए जाएं, ताकि योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुरूप तैयार की जा सकें। बैठक में मुख्यमंत्री ने ओवरलो वाहनों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय निकायों की व्यवस्था के अनुरूप पार्किंग सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़क मरम्मत और नए निर्माण कार्य पारदर्शी, उच्च गुणवत्ता वाले और जनता को वास्तविक राहत देने वाले हों।
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में होगी उल्लेखनीय प्रगति
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना को समयबद्ध रूप से पूरा कर उत्तर प्रदेश की सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जाएगी।
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