नरसिंहपुर के भागड टोला के ग्रामीण 40 वर्षों से सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बारिश के दौरान मरीजों को खाट पर ले जाने की मजबूरी के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान
मध्यप्रदेश: नरसिंहपुर जिले का एक ऐसा गांव जहां बीते 40 साल से निवासरत ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों को बारिश के मौसम में भी बीमार लोगों को खाट पर लेट कर ले जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ
जानकारी के अनुसार, गोटे गांव जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत नोनी के ग्राम भागड टोला के ग्रामीण बीते 40 वर्षों से निवास कर रहे हैं, जिन्हें शासन की मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते गांव की ग्रामीण बहुत परेशान हैं। स्थिति ये है कि इस गांव तक पहुंचने के लिए एक रास्ता तक ग्रामीणों को नसीब नहीं हो रहा है।
लगभग डेढ़ किलोमीटर तक कच्चा रास्ता
मुख्य मार्ग से लेकर इस टोले तक कई स्थानों पर शासकीय भूमि पड़ी हुई है, लेकिन उस पर भी दबंगो द्वारा कब्जा किया गया है। लेकिन लोगों को आवागमन के लिए कच्चा रास्ता जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस भागड टोला से ग्राम चांदली के मुख्य मार्ग तक लगभग डेढ़ किलोमीटर का रास्ता कच्चा है और एक बरसाती नाला है जो उफान पर आता है तो गांव का आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है।
हर साल लकडियों के पुल का करते हैं निर्माण
ग्रामीणों का कहना है कि वह हर साल इस बरसाती नाले पर चंदा एकत्रित करके लकडियों का पुल निर्माण करते हैं, लेकिन बारिश के तेज बहाव में वह भी बह जाता है, जिसके बाद ग्रामीणों को और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए नहीं मिला कोई वाहन
दो दिन पहले कैंसर से पीड़ित एक बीमार ग्रामीण को अस्पताल ले जाने के लिए गांव से मुख्य मार्ग तक कोई भी वाहन नही पहुंच सका, जिसे खाट पर लिटाकर मुख्य मार्ग पक्की सड़क जो ग्राम चांदली से मिलती है वहां तक ले जाना पड़ा, जहां से जबलपुर ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एकत्रित होकर अनुविभागी कार्यालय पहुंचे सभी ग्रामीण
आज सभी ग्रामीण एकत्रित होकर अनुविभागी कार्यालय पहुंचे, जहां अनुविभागी अधिकारी संघमित्रा गौतम से पक्की सड़क एवं नाले पर पुलिया या पुल की मांग को लेकर आवेदन देते हुए जल्द निराकरण की मांग की है।
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